Pratapgad Fort
Pratapgad Fort
📍 Satara, Maharashtra

प्रतापगढ़ किला – शिवाजी महाराज की रणनीति और पराक्रम का प्रतीक

प्रतापगढ़ किला महाराष्ट्र के सातारा जिले में सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला पर स्थित एक ऐतिहासिक दुर्ग है। यह वही पवित्र भूमि है जहाँ 1659 ईस्वी में छत्रपति शिवाजी महाराज और अफज़ल ख़ान के बीच ऐतिहासिक भेट हुई थी। इस घटना ने मराठा स्वराज्य को स्थायी शक्ति प्रदान की और प्रतापगढ़ को भारतीय सैन्य इतिहास में अमर बना दिया।

प्रतापगढ़ का निर्माण स्वयं शिवाजी महाराज के आदेश पर किया गया था। यह दुर्ग रणनीतिक रूप से कोकण और दख्खन के मार्गों पर नियंत्रण रखने हेतु बनाया गया। घने जंगल, तीव्र ढलान और मजबूत तटबंदी इसे स्वाभाविक रूप से अभेद्य बनाते हैं।

1659 में बीजापुर सल्तनत ने अफज़ल ख़ान को शिवाजी महाराज को समाप्त करने भेजा। शिवाजी महाराज ने प्रतापगढ़ पर मुलाकात की योजना बनाई। यहां हुई ऐतिहासिक भेट में शिवाजी महाराज ने अपनी चतुर रणनीति और आत्मरक्षा कौशल से अफज़ल ख़ान का अंत किया। इस विजय ने मराठा साम्राज्य की प्रतिष्ठा को सम्पूर्ण भारत में स्थापित कर दिया।

किले पर भवानी माता मंदिर स्थित है। माना जाता है कि शिवाजी महाराज ने इसी देवी से आशीर्वाद प्राप्त कर स्वराज्य की रक्षा का संकल्प लिया। आज भी यहाँ तलवार के साथ भवानी माता की मूर्ति विराजमान है।

प्रतापगढ़ में शिवाजी महाराज की विशाल प्रतिमा, युद्ध स्मारक, बालेकिल्ला, तटबंदी और दरवाजे देखे जा सकते हैं। मानसून में यह किला हरियाली और बादलों से घिरा स्वर्गीय दृश्य प्रस्तुत करता है।

प्रतापगढ़ वह भूमि है जहाँ बुद्धि, साहस और रणनीति ने इतिहास की दिशा बदली।