Raigad Fort
Raigad Fort
📍 Raigad, Maharashtra

रायगढ़ किला – स्वराज्य की अमर राजधानी

रायगढ़ किला केवल एक ऐतिहासिक दुर्ग नहीं बल्कि भारतीय स्वाभिमान, स्वशासन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का जीवंत प्रतीक है। सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला की ऊँचाइयों पर स्थित यह किला मराठा साम्राज्य की राजधानी रहा और यहीं से हिंदवी स्वराज्य की औपचारिक स्थापना हुई। 6 जून 1674 को इसी भूमि पर छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ जिसने भारतीय इतिहास की दिशा बदल दी।

रायगढ़ का प्राचीन नाम रैरी था। यह दुर्ग बहमनी और बाद में निज़ामशाही शासन के अधीन था। 1656 में शिवाजी महाराज ने इसे जीतकर अपनी भावी राजधानी के रूप में विकसित किया। मजबूत तटबंदी, प्रशासनिक इमारतें, अंबरखाना, जलसंग्रह व्यवस्था और मंदिरों का निर्माण हुआ। कुछ वर्षों में यह दुर्ग स्वराज्य का प्रशासनिक और सैन्य केंद्र बन गया।

6 जून 1674 को गंगासागर तालाब के समीप वैदिक विधि द्वारा शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक सम्पन्न हुआ। उन्हें ‘छत्रपति’ की उपाधि प्राप्त हुई। विदेशी सल्तनतों के युग में किसी हिंदू सम्राट का विधिवत राज्याभिषेक होना भारतीय आत्मगौरव का पुनर्जन्म था।

महादरवाजा, नगारखाना, बाजारपेठ, दरबार सभागृह, रानीवसा और जगदीश्वर मंदिर आज भी मराठा स्थापत्य की साक्षी हैं। यहाँ शिवाजी महाराज और महारानी सईबाई की समाधियाँ स्थित हैं। शिवजयंती और राज्याभिषेक दिवस पर लाखों श्रद्धालु यहाँ आते हैं।

आज रायगढ़ महाराष्ट्र पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। रोपवे, ट्रेकिंग मार्ग और ऐतिहासिक अवशेष इसे जीवंत धरोहर बनाते हैं। रायगढ़ हमें नेतृत्व, आत्मनिर्भर शासन और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है।

रायगढ़ किला भारतीय आत्मा का सिंहासन है — स्वराज्य की अमर गाथा।