Shree Grishneshwar Temple
Shree Grishneshwar Temple
📍 Aurangabad, Maharashtra

श्री घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग – कैलास स्वरूप शिवधाम

श्री घृष्णेश्वर मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) जिले में स्थित भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से अंतिम और अत्यंत पवित्र तीर्थ है। एलोरा की विश्वप्रसिद्ध गुफाओं के समीप स्थित यह मंदिर आध्यात्मिकता, इतिहास और कला का दिव्य संगम प्रस्तुत करता है।

पौराणिक कथा के अनुसार, घृष्णा नामक एक परम शिवभक्त स्त्री प्रतिदिन शिवलिंग पर जल अर्पित करती थीं। उनकी अटूट भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने यहाँ ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट होकर उन्हें दर्शन दिए। इसी कारण इस स्थान का नाम ‘घृष्णेश्वर’ पड़ा।

मंदिर का वर्तमान स्वरूप मराठा काल में अहिल्याबाई होलकर द्वारा पुनर्निर्मित कराया गया। लाल बेसाल्ट पत्थरों से बना यह मंदिर हेमाडपंती स्थापत्य शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है। गर्भगृह में स्थित ज्योतिर्लिंग अत्यंत जागृत माना जाता है।

घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग का धार्मिक महत्व अपार है। श्रावण मास, महाशिवरात्रि और सोमवार को यहाँ विशाल पूजन और अभिषेक होते हैं। पितृदोष निवारण, कालसर्प शांति और शिवसाधना के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से आते हैं।

एलोरा गुफाओं के निकट होने के कारण यह तीर्थ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र है।

घृष्णेश्वर वह पवित्र धाम है जहाँ शिवभक्ति ने दिव्य ज्योति का स्वरूप धारण किया।