श्री सिद्धिविनायक मंदिर – मुंबई का जागृत गणपति धाम
श्री सिद्धिविनायक मंदिर महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित भारत के सबसे प्रसिद्ध और जागृत गणपति मंदिरों में से एक है। यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और चमत्कारी अनुभूतियों का केंद्र है। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहाँ भगवान गणेश के ‘सिद्धिदाता’ स्वरूप के दर्शन हेतु आते हैं।
इस मंदिर की स्थापना 1801 ईस्वी में लक्ष्मण विठू और देउबाई पाटील नामक भक्त दंपत्ति ने की थी। मान्यता थी कि संतान प्राप्ति की इच्छा से उन्होंने भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर मंदिर निर्माण कराया। कालांतर में यह मंदिर पूरे भारत में श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बन गया।
मंदिर की मूर्ति अत्यंत विशिष्ट है। यहाँ गणेश जी की सूंड दाईं ओर मुड़ी हुई है, जो सिद्धिविनायक स्वरूप का प्रतीक मानी जाती है। कहा जाता है कि इस रूप के दर्शन से भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
सिद्धिविनायक मंदिर केवल आम भक्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योगपति, कलाकार, राजनेता और खिलाड़ी भी किसी भी शुभ कार्य से पहले यहाँ दर्शन करते हैं। मंगलवार को यहाँ विशेष भीड़ रहती है।
मंदिर का आधुनिक पुनर्निर्माण 1990 के दशक में हुआ, जिसके बाद यह एक भव्य आध्यात्मिक परिसर में परिवर्तित हुआ।
सिद्धिविनायक वह स्थान है जहाँ श्रद्धा को सिद्धि प्राप्त होती है।
श्री सिद्धिविनायक मंदिर – मुंबईचे जागृत गणपती तीर्थ
मुंबईतील श्री सिद्धिविनायक मंदिर हे महाराष्ट्रातील सर्वात प्रसिद्ध आणि जागृत गणपती मंदिर आहे. येथे भक्तांना आपल्या इच्छापूर्तीचा अनुभव येतो, म्हणूनच हे मंदिर ‘सिद्धिदाता गणेश’ म्हणून ओळखले जाते.
१८०१ साली लक्ष्मण विठू आणि देउबाई पाटील यांनी या मंदिराची स्थापना केली. संतानप्राप्तीसाठी त्यांनी गणपती मूर्तीची स्थापना केली अशी श्रद्धा आहे. पुढे हे मंदिर संपूर्ण भारतातील प्रमुख तीर्थ बनले.
येथील गणपती मूर्तीची सूंड उजव्या बाजूस वळलेली आहे, जी अत्यंत दुर्मिळ आणि जागृत स्वरूप मानली जाते. भक्तांच्या मनोकामना येथे पूर्ण होतात अशी दृढ श्रद्धा आहे.
मंगळवारी येथे विशेष पूजन व मोठी गर्दी असते. सामान्य भक्तांपासून नामवंत व्यक्तींपर्यंत सर्व येथे दर्शनासाठी येतात.
आज सिद्धिविनायक मंदिर मुंबईच्या आध्यात्मिक ओळखीचे केंद्र आहे.
सिद्धिविनायक म्हणजे श्रद्धेची सिद्धी देणारा गणराया.
Shree Siddhivinayak Temple – The Wish-Fulfilling Ganesh of Mumbai
Shree Siddhivinayak Temple in Mumbai is one of the most powerful and revered Ganesh temples in India. It is not just a place of worship but a center of faith, hope, and fulfilled wishes. Devotees from across the world visit this temple to seek blessings from Lord Ganesha in his Siddhidata form.
The temple was originally built in 1801 by a devotee couple, Laxman Vithu and Deubai Patil, who prayed for a child and installed the idol with deep faith. Over time, Siddhivinayak became one of India’s most visited temples.
The idol of Lord Ganesha here is unique, with the trunk curved to the right, a rare and powerful form believed to grant wishes quickly. Devotees believe sincere prayers here never go unanswered.
Every Tuesday, thousands gather for special prayers. Celebrities, business leaders, politicians and common devotees alike seek blessings here before important events.
Reconstructed into a grand temple complex in the late 20th century, Siddhivinayak now stands as Mumbai’s spiritual heartbeat.
Siddhivinayak is where faith transforms into fulfillment.