Shree Trimbakeshwar Temple
Shree Trimbakeshwar Temple
📍 Nashik, Maharashtra

श्री त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग – गोदावरी उद्गम का पावन तीर्थ

श्री त्र्यंबकेश्वर मंदिर महाराष्ट्र के नाशिक जिले में स्थित भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह वही पावन स्थान है जहाँ से पवित्र गोदावरी नदी का उद्गम होता है। इसलिए त्र्यंबकेश्वर केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि सम्पूर्ण दक्षिण भारत की जीवनरेखा का आध्यात्मिक स्रोत माना जाता है।

त्र्यंबकेश्वर नाम का अर्थ है – तीन नेत्रों वाले भगवान शिव। यहाँ स्थित शिवलिंग में ब्रह्मा, विष्णु और महेश – तीनों देवों का प्रतिनिधित्व माना जाता है। यही कारण है कि यह ज्योतिर्लिंग अन्य सभी ज्योतिर्लिंगों से विशेष माना जाता है।

पौराणिक कथा के अनुसार, ऋषि गौतम की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने यहाँ गोदावरी को पृथ्वी पर अवतरित किया। इसी कारण त्र्यंबकेश्वर को ‘गोदावरी जन्मस्थान’ कहा जाता है। कुंभ मेले के समय लाखों श्रद्धालु यहाँ स्नान हेतु आते हैं।

मंदिर का स्थापत्य हेमाडपंती शैली में काले पत्थरों से निर्मित है। गर्भगृह में तीन मुख वाला शिवलिंग अत्यंत दुर्लभ है। मंदिर परिसर में कुशावर्त कुंड, ब्रह्मगिरी पर्वत और अनेक प्राचीन आश्रम स्थित हैं।

धार्मिक दृष्टि से त्र्यंबकेश्वर पितृ दोष, कालसर्प शांति और महाशिवरात्रि अनुष्ठानों के लिए विशेष प्रसिद्ध है। देशभर से श्रद्धालु यहाँ विशेष पूजन कराने आते हैं।

आज त्र्यंबकेश्वर नाशिक क्षेत्र का प्रमुख तीर्थ, पर्यटन केंद्र और आध्यात्मिक साधना स्थल बन चुका है।

त्र्यंबकेश्वर वह पावन भूमि है जहाँ शिवतत्व और पवित्र नदी का दिव्य संगम होता है।