अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजन विधि
हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व ‘अबूझ मुहूर्त’ माना जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। ‘अक्षय’ का अर्थ है जिसका कभी क्षय न हो, अर्थात जो कभी नष्ट न हो।

1. अक्षय तृतीया का दूसरा नाम क्या है?
अक्षय तृतीया को देश के कई हिस्सों में ‘आखा तीज’ के नाम से भी जाना जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों और विशेषकर राजस्थान व गुजरात में इसे आखा तीज कहकर पुकारा जाता है, जहाँ इस दिन बड़े स्तर पर मांगलिक कार्य संपन्न होते हैं।
2. अक्षय तृतीया पर क्या होता है?
इस दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। लोग दान-पुण्य, गंगा स्नान और सोने (Gold) की खरीदारी करते हैं। मान्यता है कि इस दिन शुरू किया गया कोई भी नया व्यवसाय, निवेश या कार्य भविष्य में अक्षय फल प्रदान करता है। इसी दिन परशुराम जयंती भी मनाई जाती है और चारधाम की यात्रा के द्वार भी खुलते हैं।
3. अक्षय तृतीया पर नमक क्यों खरीदना चाहिए?
ज्योतिष शास्त्र और लोक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया पर नमक खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। नमक को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। इस दिन नमक खरीदकर घर लाने से दरिद्रता दूर होती है और घर में सुख-संपन्नता का वास होता है। कई लोग इस दिन सेंधा नमक खरीदकर उसका दान भी करते हैं।
4. अक्षय तृतीया 2026 कब और किस समय है?
वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया 20 अप्रैल, सोमवार को मनाई जाएगी।
- तृतीया तिथि प्रारंभ: 19 अप्रैल 2026 को रात 10:45 बजे से
- तृतीया तिथि समाप्त: 20 अप्रैल 2026 को रात 08:35 बजे तक
- पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 05:48 से दोपहर 12:15 तक (स्थानीय समय के अनुसार थोड़ा बदलाव संभव है)
5. अक्षय तृतीया के देवता कौन थे?
इस दिन के मुख्य आराध्य देव भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी हैं। इसके अतिरिक्त, यह दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्मोत्सव भी है। साथ ही, धन के देवता कुबेर की भी इस दिन विशेष पूजा की जाती है क्योंकि माना जाता है कि इसी दिन उन्हें धन की प्राप्ति हुई थी।
6. अक्षय तृतीया के दिन क्या नहीं खाना चाहिए?
अक्षय तृतीया एक सात्विक पर्व है। इस दिन निम्नलिखित चीजों से परहेज करना चाहिए:
- तामसिक भोजन जैसे मांस, मछली या अंडा।
- लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए।
- नशीले पदार्थों और मदिरा से दूर रहना चाहिए।
- किसी भी प्रकार का जूठा या बासी भोजन ग्रहण करने से बचना चाहिए।
7. अक्षय तृतीया पर क्या प्रसाद बनाना है?
इस दिन सत्तू (जौ या चने का) का विशेष महत्व है। प्रसाद के रूप में आप निम्नलिखित चीजें बना सकते हैं:
- जौ का सत्तू: इसे गुड़ और घी के साथ मिलाकर भोग लगाया जाता है।
- खीर: चावल या मखाने की खीर माता लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है।
- आम पना या शरबत: चूँकि यह गर्मी का समय होता है, इसलिए मीठे शरबत का भोग लगाकर दान करना शुभ होता है।
8. अक्षय तृतीया पर कौन सा मंत्र पढ़ना है?
माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए इस दिन इस मंत्र का जाप करें:
“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः”
विष्णु जी के लिए: “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
अक्षय तृतीया आपके जीवन में सुख, शांति और अखंड लक्ष्मी का वरदान लेकर आए। यदि आपको यह जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे अपने मित्रों के साथ साझा करें!


