नवग्रह पूजा सम्पूर्ण मार्गदर्शिका
नवग्रह पूजा विधि, मंत्र, महत्व, लाभ, प्रसाद और सम्पूर्ण जानकारी
सनातन धर्म में नवग्रहों का विशेष महत्व माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु मानव जीवन को प्रभावित करते हैं। इन ग्रहों की कृपा प्राप्त करने तथा ग्रह दोषों को शांत करने के लिए नवग्रह पूजा की जाती है।
नवग्रह पूजा क्या है?
नवग्रह पूजा वह वैदिक अनुष्ठान है जिसमें नौ ग्रहों की सामूहिक आराधना की जाती है। इसका उद्देश्य ग्रहों की अशुभता को कम करना, शुभ प्रभावों को बढ़ाना तथा जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करना होता है।
नवग्रहों में निम्न देवताओं की पूजा की जाती है:
- ☀️ सूर्य
- 🌙 चंद्र
- 🔴 मंगल
- 🟢 बुध
- 🟡 बृहस्पति (गुरु)
- ⚪ शुक्र
- ⚫ शनि
- 🌀 राहु
- 🌀 केतु
नवग्रह पूजा का महत्व
- ग्रह दोषों की शांति होती है।
- मानसिक तनाव कम होता है।
- स्वास्थ्य में सुधार आता है।
- व्यापार एवं नौकरी में सफलता मिलती है।
- वैवाहिक जीवन में सुख-शांति आती है।
- संतान प्राप्ति और पारिवारिक उन्नति होती है।
- आध्यात्मिक शक्ति में वृद्धि होती है।
नवग्रह पूजा मंत्र (Navagraha Puja Mantra)
☀️ सूर्य मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः॥
🌙 चंद्र मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः॥
🔴 मंगल मंत्र
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः॥
🟢 बुध मंत्र
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥
🟡 गुरु मंत्र
ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः॥
⚪ शुक्र मंत्र
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः॥
⚫ शनि मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः॥
🌀 राहु मंत्र
ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः॥
🌀 केतु मंत्र
ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः॥
नवग्रह पूजा कैसे की जाती है?
- स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।
- पूजा स्थान को स्वच्छ करें।
- गणेश जी का ध्यान करें।
- कलश स्थापना एवं संकल्प लें।
- नवग्रहों का आवाहन करें।
- फूल, अक्षत, धूप, दीप अर्पित करें।
- नवग्रह मंत्रों का जप करें।
- नैवेद्य एवं प्रसाद अर्पित करें।
- आरती करके पूजा पूर्ण करें।
नवग्रह पूजा के 5 मुख्य चरण
- संकल्प – पूजा का उद्देश्य निर्धारित करना।
- आवाहन – ग्रह देवताओं का आह्वान।
- पूजन – मंत्र, पुष्प एवं अर्पण।
- जप एवं हवन – ग्रह मंत्रों का जाप।
- आरती एवं प्रसाद – पूजा का समापन।
नवग्रह पूजा का प्रसाद क्या होता है?
नवग्रह पूजा में सामान्यतः निम्न प्रसाद चढ़ाया जाता है:
- गुड़
- खीर
- पंचामृत
- फल
- मिश्री
- सूखे मेवे
- नारियल
- बेसन या बूंदी के लड्डू
नवग्रहों को प्रसन्न कैसे करें?
- प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें।
- गाय, पक्षियों और जरूरतमंदों को भोजन दें।
- सत्य और धर्म का पालन करें।
- नियमित मंत्र जाप करें।
- दान-पुण्य करें।
- भगवान शिव की आराधना करें।
- नवग्रह स्तोत्र का पाठ करें।
क्या कोई भी नवग्रह पूजा कर सकता है?
हाँ, नवग्रह पूजा कोई भी श्रद्धालु कर सकता है। इसके लिए किसी विशेष जाति, लिंग या आयु की बाध्यता नहीं है। शुद्ध मन, श्रद्धा और भक्ति सबसे महत्वपूर्ण हैं। हालांकि विशेष ग्रह दोषों के लिए योग्य आचार्य के मार्गदर्शन में पूजा कराना अधिक लाभकारी माना जाता है।
9 नवग्रह पूजा क्या है?
9 नवग्रह पूजा वह विशेष पूजा है जिसमें सभी नौ ग्रहों की एक साथ आराधना की जाती है। इसका उद्देश्य जीवन पर ग्रहों के समग्र प्रभाव को संतुलित करना और शुभ फल प्राप्त करना होता है।
9 नवग्रहों की प्रार्थना कैसे करें?
सुबह स्नान के बाद नवग्रहों का ध्यान करें, दीप प्रज्वलित करें और प्रत्येक ग्रह का मंत्र कम से कम 11 बार जपें। इसके पश्चात नवग्रह स्तोत्र का पाठ करें और सभी ग्रहों से जीवन में शांति, स्वास्थ्य, समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति की प्रार्थना करें।
निष्कर्ष
नवग्रह पूजा केवल ग्रह दोष निवारण का साधन नहीं है, बल्कि यह ब्रह्मांडीय शक्तियों के प्रति सम्मान और आत्मिक संतुलन प्राप्त करने का एक दिव्य माध्यम है। नियमित नवग्रह पूजा, मंत्र जाप, दान और सदाचार के माध्यम से व्यक्ति जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सफलता, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त कर सकता है।


